मुश्ताक अहमद
गोण्डा।दिन-सोमवार ता० अरबी-12 महीना अरबी- रबीउल अव्वल समय सुबह शादिक(भोर) इस वक्त अंधेरे में दिल की चरागे मोहब्बत,ये किसने जलाया सवेरे सवेरे।लिया जब भी मैने,ये नाम-ए-मोहम्मद,बड़ा लुत्फ आया सवेरे सवेरे।मरहबा मरहबा,सरकार की आमद मरहबा,हुजूर की आमद मरहबा चारों ओर गूंजती आवाजों के बीच नबी के अनुयायियों यानि आशिक-ए-रसूल की टोली हाथ में इस्लामी झंडे लिए शहर से लेकर गांवों तक पैगंबर-ए-इस्लाम का परचम ही नज़र आता रहा। मौका था जश्न-ए-ईदमिलादुन्नबी का। नबी-ए-करीम (स०) की यौम-ए-पैदाइश का। इस्लाम अनुयायियों के घरों में जहां इबादत होती रही तो वहीं सड़कों पर नबी की शान में अकीदतमंदों ने जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला।

पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स०) की यौम-ए-पैदाइश को लेकर सोमवार को जिले भर में जश्न का माहौल रहा। हर तरफ बस आशिक-ए-रसूल की टोली नबी की आमद मरहबा, सरकार की आमद मरहबा, हुजूर की आमद मरहबा, आका की आमद मरहबा के नाते कलाम पर झूमते रहे।
मनकापुर,करनैलगंज,खरगूपुर,धानेपुर,वजीरगंज,खोरंहसा सहित कई क्षेत्रों में जश्न ईदमिलादुन्नबी के मौके पर निकले जुलूस में अकीदतमंद नात-ए-पाक के तराने गुनगुनाते हुए निकले।जुलूस-ए-मोहम्मदी शहर के साथ गांव-गांव में इस्लाम अनुयायियों ने निकाला,जो देर शाम तक चलता रहा।

इस मौके पर जाहिद रज़ा,हाफ़िज़ अली,शाहनवाज हुसैन,शादाब रजा,मोहम्मद बब्बू,आरिफ,मो आज़ाद सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।

