मुश्ताक़ अहमद
मनकापुर।कहते हैं की सत्ता और पद का नशा शराब के नशे से भी तेज़ चढ़ता है,जब कोई पार्टी सत्ता में विराजमान हो तो सफेद पोश छुटभैया नेता,समर्थक भी खुद को आलाकमान समझने लगते हैं।जिन्हें न तो कानून का डर रहता है और न ही पार्टी के नियमों का कोई खौफ़।उनके सामने खड़ी हर बड़ी चीज़ भुनगे के समान दिखाई देने लगती है।तभी तो वो नशे में हर चीज़ को रौंदने पर उतारू हो जाते हैं।
कुछ ऐसा ही एक मामला गोंडा ज़िले के मनकापुर का सामने आया है।जहाँ आरोप है की सत्ता के शिखर पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के समर्थित एक पार्टी के नेता ने अपनी स्कार्पियो गाड़ी से शराब के नशे में पहले खड़ी कार में ठोकर मार दी।अब सफ़ेद पोश छूट भैया नेता पीड़ित को ही धमका रहा है।की जो करना है कर लो,मेरी पहुँच ऊपर तक है,तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे।ऐसे में अब सवाल ये है की राजनीतिक पार्टीयां बिना सोचे-समझे ऐसे लोगों को पद क्यूं बाँट देती हैं।जिन्हें पार्टी के अनुशासन,नियमों का पता ही नहीं होता।ऐसे लोग पार्टी का ही नाम बदनाम करते हैं।फ़िलहाल पीड़ित ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत कर मनकापुर पुलिस से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।

मनकापुर कोतवाली निवासी फैजान अहमद ने पुलिस को शिकायती पत्र भेजा है।भेजे गए शिकायती पत्र में लिखा है कि 23 अगस्त को उसके घर के सामने उसकी कार खड़ी थी।तभी सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी का झंडा लगी काली रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी (जिसका नम्बर UP
32HA5051)है खड़ी गाड़ी में ठोकर मार दी।जिससे पीड़ित की कार क्षतिग्रस्त हो गई।आस पास मौजूद लोगों ने स्कॉर्पियो सवार को रोकने की कोशिश की,मगर वह गाड़ी तेज़ रफ्तार से लेकर भाग गया।यह घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।जिसका फूटेज उसके पास मौजूद है।

जानकारी की गई तो पता चला की गाड़ी सुहेल देव पार्टी के नेता राधेश्याम उर्फ पप्पू राजभर का है और वही गाड़ी चला रहा था।पीड़ित के अनुसार जब उससे बात की गई तो उसने कहा की गाड़ी में जो नुकसान हुआ है वह सही करा देगा।कोई कानूनी कारवाई न करें।जिसे लेकर लगातार कई दिनों तक उसने अपने लच्छेदार और झूठी बातों में उलझाए रखा।और अब वह यह कहते हुए मना कर रहा है की गाड़ी सही नहीं कराऊंगा।यहीं नहीं खुद को वह सुहेल देव पार्टी का जिलाध्यक्ष बता कर कह रहा की उसकी पहुँच ऊपर तक है,जो करना है कर लो।ऐसे में अब देखना यह होगा की अनुशासन तोड़ने व पार्टी को बदनाम करने वाले पर पार्टी क्या कार्रवाई कर पाती है या नहीं।

