वीरेंद्र सिंह सेंगर
पंचनद धाम,इटावा।देश व प्रदेश में एकमात्र धार्मिक पौराणिक ऐतिहासिक पांच पवित्र नदियों यमुना,चंबल,सिंध,पहूज व कुंवरी के पवित्र महासंगम पंचनद धाम तीर्थ क्षेत्र में श्रावण मास के तृतीय सोमवार को सारी रात कांवड़ियों के बंम बंम भोले और बंम विश्वनाथ के जयघोष से गुंजायमान रहा।

देश व प्रदेश में एकमात्र धार्मिक ऐतिहासिक यमुना-चंबल के पवित्र संगम पर भरेह स्थित महाकाल भारेश्वर महाराज मंदिर पर तीन जिलों की सीमांतर्गत होने पर सबसे अधिक श्रद्घालुओं की भीड़ जुटी। सुबह तीन बजे से ही कांवड़ियों ने जलाभिषेक करना शुरू कर दिया जो लगातार शाम तक चला।खबर लिखे जाने तक लगभग दो से पांच सौ मीटर तक की श्रद्धालुओं कीं लंबी कतारें लगीं रहीं।सैकड़ों कांवड़िए कांवड़ यात्रा के साथ पहुंचे जो बंम बंम भोले के जयघोष के साथ नाचते गाते रहे।
इसके साथ ही पंचनद धाम पर स्थित महाकाल कालेश्वर मंदिर पर भी सुबह तीन बजे से कांवड़ियों ने जल भरना शुरु कर दिया। और महाकाल कालेश्वर महाराज का जलाभिषेक कर दूर दराज के शिवालयों में पंचनद धाम के पवित्र महासंगम के पवित्र जल से जलाभिषेक किया।जिसमें जुहीखा निवासी सोनू सेंगर की अगुवाई में लगभग दो दर्जन औरैया से आए कांवड़ियों ने पंचनद संगम से जल भरा जिससे महाकाल कालेश्वर महाराज का जलाभिषेक कर औरैया स्थित पवित्र,पौराणिक,धार्मिक और एतिहासिक स्थल देवकली मंदिर पर भोलेनाथ का जलाभिषेक कर भोले बाबा को खुश करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

