मुकीम शाह
गोंडा।एसपी विनीत जायसवाल ने अपराध अन्वेषण के लिए चलाये जा रहे अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज चन्द्रपाल शर्मा की अगुवाई में थाना कर्नलगंज व एस0ओ0जी0, सर्विलांस की संयुक्त टीम ने कर्नलगंज कोतवाली में दर्ज मु0अ0सं0- 356/24, धारा-140(2) बीएनएस का 36 घंटे के अंदर सफल अनावरण करते हुए घटना से सम्बन्धित ‘ अपहृत’ व्यापारी अर्जुन को हरिद्वार के हरकी पैड़ी (उत्तराखण्ड) से सकुशल बरामद कर घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।

क्या है मामला
दिनांक 25 जुलाई 2024 को वादी चंद्रिका प्रसाद पुत्र स्व0 महावीर राजपूत निवासी धौरहरा पोस्ट बरगदी कोट थाना को0 कर्नलगंज में सूचना दी गई की उनका लड़का अर्जुन राजपूत 35 वर्ष दिनांक 24 जुलाई 2024 को समय करीब शाम 4ः00 बजे कर्नलगंज बाजार गया था। और वो घर वापस नहीं आया है। सूचना पर कर्नलगंज कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कर जांच की जा रही थी। कुछ देर बाद पुनः वादी ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि मेरे लड़के अर्जुन के मोबाइल पर मेरे दूसरे लड़के अनिल के फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर अर्जुन को छोड़ने की बदले में 70 लाख रुपए फिरौती की मांग की जा रही है। इस सूचना पर को0 कर्नलगंज में मु0अ0सं0-356/24, धारा-140(2) बीएनएस बनाम अज्ञात मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज के नेतृत्व में तीन टीमों में एसओजी,सर्विलांस को भी अपहृत की सकुशल बरामदगी हेतु लगाया गया। दिनांक 26 जुलाई 20 24 की शाम को पुलिम टीमों की अथक प्रयास से अपहृत व्यापारी को टेक्निकल व अन्य मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर हरिद्वार के हरकी पैड़ी (उत्तराखण्ड) से सकुशल बरामद किया गया है।
पूछतांछ में टूट गया अपहृत व्यापारी
अपहृत अर्जुन ने पूछतांछ के दौरान बताया कि मै फूलो की खेती करता हूँ, उसी खेती के काम के लिए मैने आसपास के लोगो से कुल 31 लाख 20 हजार रूपये उधार लिये थे। मेरे घर वालों को इस बात की जानकारी नहीं थी। खेती मे नुकसान हो जाने के कारण उधार का पैसा वापस नही कर पा रहा था। मैं काफी तनाव में रहता था। पैसे वापस करने के तनाव को लेकर दिनांक 24 जुलाई 2024 को दोपहर के लगभग 03.00 बजे दिन में घर से बाइक से अपने किराये की दुकान कस्बा कर्नलगंज आया तब मेरे पास 1000 रूपये पहले से थे और उसी समय अपने दोस्त से 1000 रूपये उधार लिये, इसके बाद बाइक अपनी किराये की दुकान के पास खडी कर दी। उसके बाद एक व्यक्ति के साथ बैठकर बहराइच मोड कस्बा कर्नलगंज गया। वहाँ से लगभग 05.00 बजे शाम को सरकारी बस पकड़कर अवध बस स्टाप लखनऊ पहुंचा वहां से आटो पकड कर मेट्रो स्टेशन इन्द्रानगर पहुँचा, वहां से मेट्रो ट्रेन पकड कर मेट्रो स्टेशन चारबाग लगभग शाम 07:30 बजे पहुंचा। उसके बाद जनरल ट्रेन का लक्सर स्टेशन के जाने का टिकट लिया। ट्रेन में ज्यादा भीड़ होने के से उसमें नहीं बैठ सका। मैने अपने मोबाईल से घर वालो को फोन किया और आवाज बदलकर किडनैपिंग की सूचना दी। कि मैं आपके भाई को गोरखपुर मे लेकर आया हूँ। उसके बाद मैने मोबाइल बन्द कर लिया, रात में 02:35 बजे ट्रेन पकडकर लक्सर गया वहां से फिर 10 रूपये का टिकट लेकर के हरिद्वार पहुंच गया। घाट पर मुझे एक कान साफ करने वाला मिला, जिसको मैने 100 रूपये दिये और अपने घर तथा पूर्व प्रधान रामकुमार को फोन कर 70 लाख रूपये की फिरौती के लिए उसी कान साफ करने वाले से फोन पर कहलवाया। मुझे लगा था कि घर वाले कुछ व्यवस्था करके पैसा दे देंगे जिससे मै अपना कर्जा उतार दूंगा, इसीलिए मैंने यह योजना बनाई,मुझे किसी भी व्यक्ति ने किडनैप नही किया था।अपहृत पूर्ण रूप से सुरक्षित है, उसका मेडिकल करा दिया गया है उसे किसी भी प्रकार की चोट नहीं है।

