परसपुर,गोण्डा।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के दावे कर रहे हों वो भले ही थाना व चौकी प्रभारियों को बढ़ते अपराधों पर नकेल कसने की बात कह रहे हों लेकिन उनका कोई असर थानों व चौकियों पर नहीं दिख रहा है।वो महकमे की साख पर बट्टा लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं।परसपुर थाना क्षेत्र में पुलिसिया लापरवाही के चलते महिलाओं से जुड़े आपराधिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।थाना परिसर में महिला फरियादियों की भीड़ आए दिन लग रही है।
ऐसा ही एक मामला ग्राम मलाव डीहा का है।यहां की निवासिनी पीड़िता महिला वंदना शर्मा ने अपने देवर गंगा प्रसाद शर्मा व देवरानी रचना शर्मा के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि 26 जून को उसके हिस्से की जमीन में बढ़कर मेड़ बांधने के विवाद को लेकर अभद्रता व जानमाल की धमकी देते हुए लाठी डंडे से पिटाई कर दी।वहीं ग्राम पण्डित पुरवा मरचौर की निवासिनी पीड़िता महिला राम कुमारी ने दो लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया है कि 25 जून को बच्चों के विवाद में घर पहुँचकर अंकित मिश्रा,रजनी मिश्रा ने जाति सूचक गाली गलौज देते हुए लाठी डंडे से पिटाई कर दी और जानमाल की धमकी देकर विपक्षी भाग गये। इसी के साथ ही ग्राम भुरहवा कॉलोनी अकोहरी की रहने वाली दलित महिला पुष्पा देवी ने मारपीट मामले में गांव के ही पाँच लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि रोड की गिट्टी घर पर फेंकने को लेकर विवाद बढ़ गया और विपक्षियों ने जाति सूचक गाली गलौज देते हुए लाठी डंडे से पिटाई की व जानमाल की धमकी देते हुए चले गए।बचाने दौड़ी बहु मनीषा,छोटा लड़का बृजेश,नाबलिक बेटे अंतिम को चोटें आई। वहीं ग्राम चिंता पण्डित पुरवा की निवासिनी पीड़िता महिला कल्पना पाण्डेय ने दर्ज कराई रिपोर्ट में लिखा है कि 27 जून की सुबह बैनामा शुदा जमीन पर निर्माण करा रही थी,तभी ससुर व पोते ने मजदूर को डाँटकर भगा दिया।अभद्रता,मारपीट व धमकी मामले में ससुर व पोता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया गया है। ये चंद मामले महज बानगी भर हैं।
इस बाबत में थाना परसपुर प्रभारी दिनेश सिंह ने कहा कि पीड़ितों के तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। और मामले की विवेचना की जा रही है।

