गोण्डा।जो समाज अपनी अतीत पर हुए अत्याचार को भुला देता है वह समाज और राष्ट्र कभी भी मज़बूत नही हो सकता।उक्त बात भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजीव मिश्र ने पार्टी कार्यालय पर आयोजित “आपातकाल और लोकतंत्र की हत्या” विषय पर आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा।

श्री मिश्र ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उनकी नेता इंदिरा गांधी जो उस समय प्रधानमंत्री थी ने 25 जून 1975 को आपातकाल लागू करके लोकतंत्र की हत्या ही नहीं की थी अपितु अटल बिहारी वाजपेई,राजनाथ सिंह,जेपी नारायण,मोरार जी देसाई सहित विपक्षी नेताओं और लाखों कार्यकर्ताओं को जेल में ठूंस-ठूंस कर निर्मम अत्याचार किया गया था जिसमें लोकतंत्र 22 सेनानियों की मौत भी हो गई थी।उन्होंने कहा कि कितना हास्यास्पद लगता है जब आज लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान बचाने की बात करती है।जबकि असली लोकतंत्र और संविधान को बचाने और मानने वाले तो भाजपा के ही कार्यकर्ता है।सम्मेलन को पूर्व जिला अध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी,सूर्य नारायण तिवारी,के०के० श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप व संचालन जिला महामंत्री जसवंत सोनकर ने किया।इसके पूर्व मुख्यातिथि राजीव मिश्र ने 1975 में लोकतंत्र को बचाने के लिए जेल गए लोकतंत्र सेनानी क्रमशः आनंद प्रकाश,राम शब्द गुप्ता,इकबाल बहादुर तिवारी,जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी को अंग वस्त्र व माला पहनाकर सम्मानित किया।तदुपरांत 25 जून 1975 के इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध में सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने मोन जुलूस निकाला।इस अवसर पर मुख्य रूप से अनुपम प्रकाश मिश्र,नीरज मौर्य,अंजू सिंह,अर्जुन तिवारी,मधुबाला वर्मा,पुनीत सिंह,विनय शर्मा,दीपक गुप्ता, विद्याभूषण द्विवेदी,नंदकिशोर नंदू,अविनाश जयसवाल,अभिषेक त्रिपाठी,शिवा यादव समेत काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।

