गुलाम जीलानी बेग
सादुल्लाहनगर,बलरामपुर।क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों का आरोप है कि खाद विक्रेता सरकारी दरों की अनदेखी कर यूरिया की बोरियां मनमाने दामों पर बेच रहे हैं।किसानों के अनुसार जहाँ सरकार ने एक बोरी यूरिया की कीमत तय कर रखी है,वहीं बाज़ार में इसे 450से500 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
ग्रामीण किसान कनिक राम,राम पडित,सुभाष,मुस्ताक और उमेश ने बताया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत एडीओ (कृषि) से की तो विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया और टीम बनाकर कार्रवाई शुरू की। लेकिन किसानों का कहना है कि सूचना मिलते ही विक्रेता रातों-रात अपने गोदाम से पूरा स्टॉक गायब कर देते हैं। किसानों का आरोप है कि यह खेल केवल दुकानदार अकेले नहीं कर सकता,बल्कि इसमें अन्य लोगों की मिलीभगत भी शामिल है। ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी गोदामों पर खाद लेने के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती है।कई बार पूरा दिन खड़े रहने के बावजूद खाद नहीं मिलती,जबकि निजी दुकानों पर खुलेआम कालाबाजारी जारी रहती है।ऐसे हालात से किसान बुरी तरह परेशान हैं और उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
इस मामले में जब उपजिलाधिकारी उतरौला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रशासन लगातार ऐसी शिकायतें प्राप्त कर रहा है और खाद विक्रेताओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई दुकानदार कालाबाजारी में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गोरखधंधे पर तुरंत अंकुश लगाया जाए,ताकि भविष्य में खाद माफिया खुलेआम किसानों की जेब पर डाका न डाल सकें।

