डा०रियाजुद्दीन इदरीशी
गोंडा।तत्कालीन डीएम प्रभांशु श्रीवास्तव ने जिले के राशन माफियाओं को सूची बद्ध कर कार्रवाई करने की तैयारी में लगे थे। आखिर कौन सा पेंच फंस गया कि प्रशासन को अब वह सूची खोजे नहीं मिल रही है। ऐसे में राशन माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं अनाज के घपले घोटाले करने वाले राशन माफिया बेखौफ होकर घूम रहे हैं।
जिले में लगभग चार वर्ष पूर्व मई माह में बंधवा के कोदई बगिया स्थित एक निजी गोदाम से भारी मात्रा में सरकारी अनाज का भंडारण पकड़ा गया था। उक्त अनाज भंडारण की शासन की टीम ने जांच की तो प्रारंभिक जांच के आधार पर जिले के डीएम, डीएसओ, डिप्टी आरएमओ को निलंबित कर दिया गया था। इसी की चपेट में विपणन निरीक्षक भी आए। आरएफसी व डीसी पर भी कार्रवाई की गई थी। प्रकरण इतना गंभीर था कि इसी के बाद जिले में तैनात हुए डीएम कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने जिले में राशन माफियाओं को चिन्हित कराने का कार्य शुरू कर दिया। एक प्रारंभिक सूची भी डीएम स्तर से जारी की गई थी जिसके आधार पर जिले में कड़ी कार्रवाई की उम्मीदें जताई जा रही थीं। लेकिन समय बीतते सबकुछ ठंढे बस्ते में चला गया।

