बाराबंकी।बनीकोड़र क्षेत्र के श्री राम अभिलाष स्मारक इण्टर कॉलेज चौरी अलादादपुर में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जयन्ती के शुभ अवसर पर उप प्रधानाचार्य उमाशंकर शुक्ल की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसका संचालन परमानन्द तिवारी ने किया नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के चित्र पर विद्यालय के संचालक एवं शिक्षक महासभा की प्रदेश उपाध्यक्ष तेज कुमार उपाध्याय ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया।
नेताजी के जीवन एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उपाध्याय ने कहा नेताजी का जन्म उड़ीसा के कटक जनपद में 23 जनवरी सन 1897 ई को हुआ था इन्होंने आईसीएस की परीक्षा टॉप करके प्रथम भारतीय आईसीएस बने थे देशभक्ति का जज्बा इनमें कूट-कूट कर भरा था इन्होंने आईसीएस की नौकरी त्याग कर कांग्रेस में शामिल हो गए सन 1939 मैं कोलकाता के कांग्रेस अधिवेशन में अध्यक्ष के चुनाव के लिए सीतारमैया को गांधी जी ने खड़ा कर दिया लेकिन सुभाषचन्द्र बोस चुनाव जीत गए गांधी जी ने अपनी निजी पराजय माना जब इसकी जानकारी नेताजी को हुई तो उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया अंग्रेजों ने जब सुभाषचन्द्र बोस को गिरफ्तार करके कोलकाता में नजर बंद कर दिया तो उन्होंने अपनी दाढ़ी बड़ी कर और पठान सूट पहनकर पेशावर होते हुए जर्मनी पहुंच गए जर्मनी के तानाशाह हिटलर से हाथ मिलाया अंग्रेजों को भगाने के लिए इन्होंने आजाद हिन्द फौज का गठन करके देशवासियों से अपील की तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा इसके बाद दिल्ली चलो और जयहिन्द का नारा भी दिया जापान जाते समय इनका विमान ताइवान में क्रश हो गया और वहीं उनकी मृत्यु हो गई।यह कुछ तथाकथित इतिहासकारों का कथन है लेकिन सिद्ध पुरुषों का मानना है कि नेताजी कांग्रेस की गन्दी सोंच पर हुलिया बदलकर अयोध्या आ गये और अपनी जीवन लीला समाप्त कर दिया।

