मारुफ हुसैन
लखनऊ।एचडीएफसी सिक्योरिटीज 2025 में निवेशकों के साथ 25 वीं वर्षगांठ मनाने जा रही है। कंपनी पारंपरिक पेपर- लीड संगठन से लेकर एक पूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम की यात्रा एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रति प्रतिबद्धता और अपने ग्राहकों को अच्छी सेवाएं देने का प्रयास करती है।
उन्मेष शर्मा,एग्जीक्यूटिव वाईस प्रेसिडेंट,हेड आफ इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज,एचडीएफसी सिक्युरिटीज ने गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि डिजिटल संगठन में परिवर्तन न केवल एचडीएफसी सिक्योरिटीज को बड़े ग्राहक आधार तक पहुंचने में सक्षम बनाया है, बल्कि तेज और कुशल सेवाओं की भी अनुमति दी है। इन्वेस्टराइट और एचडीएफसी स्काई जैसे एप्लिकेशन की शुरूआत ने ग्राहक अनुभव समृद्ध किया है। जिससे निवेश अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल हो गया है। दोनों ऐप नौसिखिए और अनुभवी निवेशकों के लिए निर्देशित और जिम्मेदार निवेश के अवसर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।अनुसंधान-संचालित सुझाव,मूल्य अलर्ट,स्टॉप-लॉस अधिसूचनाएं और विविधीकरण रणनीतियों सहित मूल्यवान सिफारिशें प्रदान करता है।
जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो की सुरक्षा बढ़ती है। इन्वेस्ट राइट और एचडीएफसी स्काय मोबाइल ऐप्स के उपयोगकर्ताओं की संख्या में वृद्धि इन डिजिटल पहलों की सफलता का प्रमाण है। कंपनी की इन-हाउस रिसर्च क्षमताओं ने इसे उद्योग में एक अग्रणी के रूप में और मजबूत किया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने स्टॉक एसआईपी, जीरो ब्रोकरेज ईटीएफ, मार्जिनल ट्रेडिंग फैसिलिटी (एमटीएफ) के माध्यम से 4 गुना तक का एक्सपोजर, बास्केट इनवेस्टिंग जैसे अभिनव उत्पादों की पेशकश करके वित्तीय सेवाओं को लोकतांत्रिक बनाया है। जिसमें रिसर्चड् स्टॉक्स का क्यूरेटेड मिक्स भी शामिल है।
श्री शर्मा ने कहा कि भविष्य में भी एचडीएफसी सिक्योरिटीज तकनीक और नवाचार का लाभ उठाकर विकास को गति देने और अपने ग्राहकों को मूल्य प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करती रहेगी। पिछले 25 वर्षों में निर्मित एक मजबूत नींव के साथ, एचडीएफसी सिक्योरिटीज वित्तीय उद्योग के निरंतर बदलते परिदृश्य को कुशलतापूर्वक संभालने और अपने ग्राहकों के लिए अत्याधुनिक समाधान लाने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठी है।
उन्होने कहा कि भारत की आर्थिक संभावनाएँ मजबूत बनी हुई है। और आने वाले दशक को देश के लिए एक स्वर्णिम युग के रूप में देखा जा रहा है। एस एंड पी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के अनुसार, भारत का जीडीपी 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डालर तक पहुँचने का अनुमान है। जो इसकी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण विस्तार का संकेत देता है। यह वृद्धि मध्यम वर्ग में तेजी से विस्तार और शहरीकरण से प्रेरित होगी। जिससे विकास के लिए एक अनुकूल मैक्रोइकोनॉमिक माहौल बनेगा। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे के विकास और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयास इस सकारात्मक दृष्टिकोण को और मजबूत करेंगे। आत्मनिर्भरता पर देश का रणनीतिक ध्यान,जिसे ’आत्मनिर्भर भारत’ के रूप में जाना जाता है,जो औद्योगिक विकास के लिए बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। नवाचार को प्रोत्साहित करके और घरेलू उत्पादन का समर्थन करके,सरकार एक अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के लिए नींव तैयार कर रही है।
निफ्टी को लेकर श्री शर्मा ने कहा कि स्टॉक मार्केट इंडेक्स ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं और सोना, महंगाई, और बॉन्ड यील्ड्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। 2020 में 1 साल आगे का प्राइस टू अर्निंग्स (पी/ई) रेश्यो 28.2 के उच्च स्तर पर था, जो कि अनुमानित प्रति शेयर आय (ईपीएस) 1099.2 पर आधारित है। और निफ्टी के इस बढ़त को जारी रखने की उम्मीद है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के 26100 और फिर 26600 के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।

