इमरान अहमद
मनकापुर:ज़िले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक गाँव में रहने वाले 24 वर्षीय युवक की नौकरी के लिए गए रूस में निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई।जिसका शव करीब 20 दिन बाद विदेश राज्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद घर लाया गया।जैस ही शव गाँव में पहुँचा परिजनों में चीत्कार मच गया।अपने के खोने का ग़म लिए व गुस्से में परिजन काम का बीजा देने वाले एजेंट को कोसते नज़र आए।शनिवार को परिजनों ने युवक का अंतिम संस्कार कर दिया।

जानकारी के अनुसार गोंडा के वजीरगंज थाना क्षेत्र के चडौवा निवासी अली हुसैन पुत्र मोहम्मद हुसैन 6 दिसंबर को एजेंट के माध्यम से रूस की एक कंपनी में नौकरी के लिए गया था।उसके विदेश जाने पर परिवार के अंदर एक उम्मीद का चीराग जल गया।लेकिन क्या ही पता था की जो उम्मीदों का चीराग अभी जला ही था वो बुझ जाएगा।बता दें की 2 जून को अली हुसैन की रूस में मौत हो जाती है।परिजनों का आरोप है की कंपनी का मालिक उसके बेटे से ओवर टाइम काम कराता था।जहां ओवर टाइम काम न करने पर युवक को मारा पीटा जाता था।आरोप है की उसे काम करने के बावजूद भी कम खाना दिया जा रहा था।इसी बात को लेकर 2 जून को मालिक व मृतक युवक से कहासुनी हुई,जहाँ आरोप है की कंपनी के लोगों ने मिलकर उसकी गला रेतकर हत्या कर दी।4 जून को परिजनों को जब इसकी सूचना मिली तो कोहराम मच गया।11 जून को विदेश राज्य मंत्री व गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह को पत्र लिखकर शव को इंडिया मंगाने व कड़ी कार्यवाई की मांग की।मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री राजा भैया ने रूसी प्रशासन से बात कर शव को इंडिया भेजने व जाँच कर कड़ी कार्यवाई की मांग की।जिस पर शुकवार देर शाम युवक का शव उसके पैतृक गाँव रामापुर थाना मनकापुर पहुँचा।जहाँ परिजनों द्वारा शनिवार सुबह उसका अंतिम संस्कार किया गया।

खाना-तनख्वाह कम,काम ओवरटाइम
परिजनों ने बताया की वजीरगंज के विरहमतपुर के रहने वाले एक एजेंट के माध्यम से अली हुसैन को 9 घंटे के काम बताकर रूस भेजा गया था।लेकिन उससे 16-16 घंटे काम कराया जाता था,काम ना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। साथ ही उसे कम खाना व कम तनख्वाह दिया जाता था।

