>लगभग 4 वर्षों से कुंडली मार बैठा है
>पीड़ित का जमीन कब्जा कराने वाला चार वर्षो अंगद रुपी पैर जमाकर बैठा है दीवान
>हल्का चार का कांस्टेबल चंद्रेश भी कम नहीं
गोण्डा।आईजी साहब जिले के वजीरगंज थाने में कानून व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। यहाँ अनियमिताओं की गंगा बहती है। थाने में तैनात पुलिस वालों के लिए नियम कानून कोई मायने नहीं रखता। यहां तो पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय पुलिस द्वारा उनका शोषण किया जाता है। जिसके चलते फरियादियों को तमाम दुश्वरियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि जब से वजीरगंज थाने की कमान विपुल पाण्डेय संभाले हैं,तभी से कानून व्यवस्था चरमरा गई है। सीएम योगी का सख्त निर्देश है कि पीड़ितों का न्याय सर्वोपरि है लेकिन यहां सीएम का ये फरमान न के बराबर है यहां पुलिस वाले पीड़ितों पर ही आक्रमक होकर उनसे अभद्रता करने पर तुले रहते हैं। यहां आए दिन इनके कारनामे उजागर होते हैं मगर जिम्मेदार मौन हैं। यहां विभागीय जिम्मेदार कुछ ज्यादा मेहरबान हैं। सूत्रों के अनुसार थाने में तैनात सिपाही सुशील सिंह घूम फिर कर लगभग सात सालों से इसी थाने पर अंगद के पैर की तरह अपने को जमा रखा है। यही नही इस सिपाही की वजीरगंज थाने पर तीसरी पोस्टिंग है। जबकि कानून व्यवस्था को चुस्त दुरस्त रखने के लिए दो पोस्टिंग से ज्यादा सिपाहियों को थाना नही दिया जाता है। मगर ये तीसरी पोस्टिंग भी यहीं हैं जो कानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है। कि आखिर घुमा फिराकर इनको एक ही थाना क्यों दिया गया,इसके पीछे आखिर क्या राज है। कोई जाने या न जाने मगर ये पब्लिक है ये सब जानती है। जी हाँ हम जिकर कर रहे हैं थाने में चर्चित दीवान विनोद कुमार सोनी की, जिसके कारनामे किसी से छिपे नही है। कानून को ताक पर रखकर धन उगाही करना इनकी आदत मे शुमार है। इनका भी वजीरगंज थाने से मोह भंग नही हो पा रहा है। ये वही दीवान है जिसने सिपाही मुन्ना यादव के साथ मिलकर क्षेत्र के परसापुर महरौर मे दबंगो से सुविधा शुल्क लेकर 30 जनवरी 2025 की शाम 5 बजे के करीब 76 वर्षीय टीवी रोगी से ग्रसित पीड़ित राधिका प्रसाद मिश्र को गाली देते हुए न केवल मारा पीटा था बल्कि अपने सामने ही पीड़ित के जमीन पर टीन शेड रखवाकर दबंगो का कब्जा करवा दिया था। जिसे लेकर पीड़ित ने इस बेलगाम दीवान के विरुद्ध 156/3 के तहत कोर्ट मे मुकदमा दर्ज कराया है। चर्चा है की इस बेखौफ दीवान पर कोर्ट मे 156 / 3 के तहत लगभग आधा दर्जन मुक़दमे दर्ज हैं फिर भी ये दीवान लगभग 4 साल से इसी थाने पर टिका हुआ है। राधिका प्रसाद मिश्र का आरोप है कि मार्च 2026 मे उनके घर मे घुसकर कुछ लोगों ने उनके 17 वर्षीय नाती अंकित को जबरन रंग लगाने लगे जिसका विरोध करने पर लोगों ने अंकित को मारा पीटा था दीवान की सह पर विपक्षी से तहरीर लेकर एसआई उमाशंकर व दीवान विनोद सोनी ने एसओ विपुल पाण्डेय से मिलकर उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया। पीड़ित का आरोप है कि उमाशंकर खुद विवेचक है और खुद ही मुकदमा दर्ज कराये हैं। ऐसे मे उसे न्याय कहां से मिलेगा।पीड़ित ने बताया कि पुलिस द्वारा उसका शोषण किया जा रहा है,जिससे वो काफी आहत है। पीडित का आरोप है कि ऐसे भ्रष्ट पुलिस वालों को यहाँ से हटा देना चाहिए, जो थाने पर बैठकर पीड़ितों का शोषण करते है। यही हाल हल्का नंबर चार में तैनात कांस्टेबल चंद्रेश का भी है थाने में तैनात ये तीन कर्मी महज बानगी भर ह।
ये सिपाही व दीवान थाने के दुलरुवा है
यहाँ चौकाने वाली बात तो ये है कि लगभग सात वर्षों से घूम घुमाकार इसी थाने पर तैनात सुशील सिंह कि तीसरी पोस्टिंग होने के बावजूद इस थाने से मोह भंग नही हुआ, ये आज भी इसी थाने पर रहकर अपना खेल खेल रहे हैं। दूसरी ओर चर्चित दीवान विनोद सोनी तमाम करनामो मे संलिप्त होने के बावजूद लगभग 4 सालों से इसी थाने पर तैनात है, क्षेत्र मे चर्चा है कि सुशील सिंह व विनोद सोनी दीवान थाने के काफी दुलरुवा हैं,जो धन उगाही मे माहिर है। आईजी साहब आखिर कब तक इन बेखौफ़ थानेदार,दीवान व सिपाहियों का ये खेल चलता रहेगा ये एक बडा सवाल है।

