संवाददाता: शरीफ अंसारी
लखीमपुर खीरी। जिले के थाना खमरिया क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार अपनी चौदह वर्षीय नाबालिग बेटी के अपहरण के बाद न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित माँ ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की गुहार लगाई है।
मिली जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे गांव के ही कुछ दबंगों ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक बच्ची का कोई सुराग नहीं लगा सकी है, जिससे परिजनों की चिंता और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस पर लापरवाही और दबाव में काम करने का आरोप। पीड़ित माँ का आरोप है कि खमरिया पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) और 87 के तहत मामला दर्ज तो किया, लेकिन जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने दबंगों के प्रभाव में आकर कुछ मुख्य आरोपियों के नाम एफआईआर से हटा दिए हैं और जानबूझकर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे आरोपियों को फायदा मिल सके।
“पुलिस हमारी मुट्ठी में है” — दबंगों की खुली धमकी। रिपोर्ट के मुताबिक, नामजद आरोपी बाला, गुड्डा, राजेश, माता संजय और धीरा खुलेआम क्षेत्र में घूम रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। दबंगों द्वारा कथित रूप से कहा जा रहा है कि “पुलिस हमारी मुट्ठी में है, तुम कुछ नहीं कर पाओगे,” और परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। एसपी से लगाई न्याय की गुहार। हताश पीड़िता ने अब सीधे पुलिस कप्तान (एसपी) से न्याय की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि—नाबालिग बेटी को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए। केस से हटाए गए आरोपियों के नाम दोबारा जोड़े जाएं और मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराई जाए। खुलेआम घूम रहे आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।कानून व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामला और तूल पकड़ सकता है। फिलहाल पीड़ित परिवार को अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी का इंतजार है और न्याय की आस में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठा है।

