उचौलिया,लखीमपुर खीरी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला जनपद के उचौलिया थाना अंतर्गत उचौलिया पुलिस चौकी के पास का है, जहाँ हाईवे के दोनों किनारों पर बने शौचालय पिछले एक साल से ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहे हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद इन शौचालयों के दरवाजों पर लटके ताले NHAI की बड़ी लापरवाही को उजागर कर रहे हैं।
एक साल से उद्घाटन का इंतजार,यात्री परेशान
जानकारी के मुताबिक उचौलिया के पास यात्रियों की सुविधा के लिए हाईवे के दोनों तरफ शौचालयों का निर्माण किया गया था। निर्माण पूरा हुए एक साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक इन शौचालयों का उद्घाटन नहीं हो सका। ताले जड़े होने के कारण दूर-दराज से आने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वृद्धों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महज ‘दिखावे’ के लिए हुआ निर्माण?
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये शौचालय केवल कागजों पर सुविधा दिखाने के लिए बनाए गए हैं। धरातल पर इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। एक तरफ सरकार ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत खुले में शौच मुक्त भारत का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ हाईवे पर करोड़ों की लागत से बनी ये सुविधाएं प्रशासनिक उदासीनता के कारण धूल फांक रही हैं।
स्थानीय जनता में भारी आक्रोश
इन शौचालयों को ‘शोपीस’ की तरह खड़ा देख स्थानीय निवासियों में भी गहरा जनाक्रोश है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि इन्हें जनता के इस्तेमाल के लिए नहीं खोला जाना था, तो सरकारी धन की इस तरह बर्बादी क्यों की गई? क्या ये निर्माण केवल ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने की मंशा से किए गए थे?
NHAI की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान
इस मामले ने NHAI के उन दावों की पोल खोल दी है जिसमें यात्रियों को सुगम और सुविधापूर्ण सफर देने की बात कही जाती है। आखिर किसके आदेश पर और किस मंशा से इन शौचालयों पर ताला जड़ा गया है? विभागीय अधिकारियों की चुप्पी इस लापरवाही को और भी गंभीर बना रही है।
अब देखना यह होगा कि क्या इस खबर के बाद NHAI की नींद खुलती है और यात्रियों को उनकी सुविधा का अधिकार मिलता है, या फिर ये शौचालय यूँ ही ‘बुत’ बनकर हाईवे किनारे खड़े रहेंगे।

