गोंडा।कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के सहकारी गन्ना समिति मैजापुर का नये भवन का निर्माण छह माह से लटका हुआ है। गन्ना समिति की स्थापना के करीब 27 साल बाद भवन निर्माण कार्य शुरू कराया गया जो आधा-अधूरा है।
सहकारी गन्ना समिति भवन का निर्माण करीब छह माह पहले शुरू कराया गया था। बिना किसी सूचना के भवन निर्माण एकाएक रोक दिया गया। बावजूद इसके करीब छह माह बीतने को है। नये भवन का निर्माण नहीं पूरा कराया जा सका। लगभग 30 लाख रुपए की लागत से पहले इसकी चारदीवारी का निर्माण कराया गया। और लगभग 56 लाख रुपए का बजट मंजूर होने पर गन्ना समिति के नए भवन का निर्माण शुरु कराया गया। स्वीकृति न मिलने से भुगतान के अभाव में गन्ना समिति के भवन का निर्माण रोक दिया गया। अब स्वीकृति मिल गई है बहुत जल्द इसका निर्माण कार्य शुरू कराया जायेगा। सहकारी गन्ना समिति मैजापुर का कार्यालय सन 1997 में अपने स्थापना काल से किराए के भवन में चल रहा है। जबकि इसके नए भवन के निर्माण को लेकर भूमि वर्ष 2000 में ठाकुरदेई पत्नी गनेशदत्त ने उपलब्ध करा दिया था। नए भवन निर्माण की कार्यदाई संस्था सहकारी गन्ना समिति मैजापुर के स्वयं होने के बावजूद निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है, और आधा अधूरा ठप पड़ा हुआ है। इसके चारदीवारी की लागत 30 लाख व नए भवन की लागत 56 लाख रुपए है। वहीं इस निर्माण कार्य में मौरंग के स्थान पर बालू का इस्तेमाल ज्यादा होने से गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
इस गन्ना समिति में कुल 38975 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 26000 किसान मैजापुर चीनी मिल को नियमित गन्ना सप्लाई करते हैं। गन्ना समिति के सचिव डा०पी० एन० पाण्डेय ने बताया कि समिति नए भवन निर्माण में उनको केवल भौतिक सत्यापन करना रहता है कि कितना निर्माण हुआ और कितना बकाया है। इसके बारे में समुचित जानकारी निर्माण में लगे इंजीनियर ही दे पाएंगे। इंजीनियर काली चरन ने बताया कि स्वीकृति न मिलने के चलते भुगतान के अभाव में गन्ना समिति मैजापुर के नए भवन का निर्माण रुका हुआ था। अब स्वीकृति मिल गई है जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

