गोण्डा।करनैलगंज तहसील के मंगुरही गांव निवासी रवीन्द्र नाथ मिश्रा पर जालसाजी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हथियाने का का आरोप लगाया गया है।प्रकरण में अवधेश तिवारी निवासी बिकरवा थाना कटरा बाजार ने बेसिक शिक्षा निदेशक लखनऊ को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है। पत्र में रवीन्द्र नाथ मिश्रा के खिलाफ जांच की मांग की है।

रवीन्द्र नाथ मिश्रा उमापति संस्कृति उच्च माध्यमिक विद्यालय नयाघाट अयोध्या में अध्यापक के पद पर तैनात थे। दिये गये पत्र में लिखा है कि उन्होंने जाली दस्तावेजों के आधार पर यह नौकरी हथिया ली और पेंशन के भी हकदार बन गए। विद्यालय प्रशासन ने पहले ही उन्हें निलंबित कर दिया था। बावजूद इसके उन्होंने उच्च न्यायालय को गुमराह करके इंडोगल्फ इंडस्ट्रीज सुगर यूनिट मैजापुर गोण्डा में एक अन्य पद पर नौकरी कर ली थी।आरोप है कि उन्होंने 10 दिसंबर 1999 से 25 अप्रैल 2002 तक इंडोगल्फ इंडस्ट्रीज में बैगमार्कर के रूप में कार्य किया। जबकि वे सरकारी अध्यापक के पद से निलंबित थे।इस अवधि में उन्होंने दोनों स्थानों से वेतन और अन्य सुविधाएं लीं जो नियम के खिलाफ है।
अवधेश तिवारी द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में लिखा है कि मिश्रा की पेंशन पर रोक लगाई जाए और सरकारी धन की हेराफेरी की गई राशि की वसूली की जाए।इसके साथ ही उनके खिलाफ कानूनी धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने की मांग शिकायती पत्र के माध्यम से की है।

