गोंडा।पर्यावरण संरक्षण को बनाए रखने के लिए प्रति वर्ष करोड़ों की संख्या में अधिकारियों व जनप्रतिनिधि पौधों का रोपण कर पौधरोपण महोत्सव मनाकर पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। जिले के टिकरी रेंज में अधिकारीयों व कर्मचारीयों की अढ़यल रवैये के चलते वन संरक्षण को बढावा देने को कौन कहे वन विभाग के सरकारी जंगल ही सिकुड़ते जा रहे है।
टिकरी जंगल मे चोरी से लकड़ी कटान पर वन विभाग अंकुश नहीं लगा पा रहा है। बीते कुछ दिन पहले वन माफियाओं ने जंगल से पेड़ो की कटान कर बेचने के मामले में तत्कालीन वनक्षेत्राधिकारी विनोद नायक को निलंबित किया गया था।उनके स्थान पर वन क्षेत्राधिकारी सुशांत शुक्ला की तैनाती की गयी थी। ये भी लकड़ी चोरो को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
ताजा मामला टिकरी रेंज के असरफ़ाबाद बीट का है।कम्पाट नम्बर 21 पर एक ही रात में वन माफियाओं ने चार बेशकीमती सागौन के पेड़ चोरी से काट लिए।और वन विभाग की टीम सोती रही। रात्रि गस्त का दावा करने वाले वन रक्षक व वन दरोगा के दावे को चोरों ने एक ही रात में चार पेड़ो को काट कर उसकी पोल खोलकर रख दी है।
सूत्रो की मानें इसके पहले भी वनरक्षक रामसेवक का लकड़ी कटान का ऑडियो वायरल हो चुका है , लेकिन अधिकारियों की सहानुभूति के चलते आडियो वायरल होने के बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नही हुई। एक बार फिर इन्ही के कार्य क्षेत्र मे चार बेशकीमती सागौन के पेड़ धरासायी कर वन माफिया उठा ले गये। वन विभाग की सुरक्षा मे लगे वन कर्मचारी रात्रि गस्त करते रहे फिर कटान होना एक बार वन विभाग की सुरक्षा पर सवाल खडा हो गया है।
सूत्रों की मानें तो टिकरी रेंज असरफाबाद में आये दिन जंगल से पेड़ की कटान धड़ल्ले से होती रहती है। जंगल ठूठ में तब्दील होता जा रहा है। बावजूद इसके कटान पर अंकुश लगाने मे वन विभाग असफल है।
इस संवंध में वन क्षेत्राधिकारी सुशांत शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया की वनरक्षक की लापरवाही से चोरी की घटना हुयी है। स्पष्टीकरण मांगा गया है। और पेड़ काटे जाने की जांच की जा रही है।

