अशफाक शाह
गोंडा।सोमवार की रात्रि में मेडिकल कालेज के इमरजेंसी रूम में मरीज और चिकित्सालय कर्मियों के बीच हुई मारपीट मामले के वायरल विडियो ने नया मोड़ दे दिया है।अभी तक जहां इस मामले में दोनो पक्षों के बीच मौखिक रूप से सुलह समझौता कर लिए जाने की बात सामने आ रही थी,उस पर अब विराम लग गया है।
इस प्रकरण में पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि कोतवाली नगर की पुलिस व अस्पताल कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर मामले को दबाने के लिए जबरन सादे कागज पर अगूंठा लगवा लिया और कार्यवाही किए बगैर ही उसे कोतवाली से भागा दिया। शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

पीड़ित द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक पीड़ित मरीज नबी अहमद पुत्र मोहम्मद अहमद निवासी न्यू इंदिरा नगर कालोनी रानी पुरवा कोतवाली नगर ने लिखा है कि बीते 5 अगस्त की रात्रि करीब 10:30 बजे वह अपने भाई सद्दाम के साथ बीपी की शिकायत के चलते इलाज के लिए गया था।जहां इलाज करने की बात को लेकर डॉक्टर और कर्मचारी भड़क उठे गालियां देते हुए उसे वा इसके भाई को मारने पीटने लगे।वे लोग उन्हें एक अन्य कमरे में ले गए और बंधक बना कर रखा।रात्रि करीब 12:00 बजे जब कोतवाली पुलिस वहां पहुंची तो उनके सुपुर्द किया। इस बारे में उनके तरफ से तहरीर दी गई किंतु पुलिस ने सुबह आने की बात कह कर चोटिल भाई को रात्रि में घर भेज दिया। सुबह जब थाने पर वह गया तो डॉक्टर के साथ मिल कर उससे सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया और सुलह कर लिए जाने की बात कह कर घर भेज दिया। पुलिस की इस एक पक्षीय कार्यवाही से आहत होकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक के पास शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

इस बारे में पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जयसवाल ने कहा की पीड़ित जन सुनवाई के दौरान आया था। जन सुनवाई में रोजाना 150 से 200 के करीब शिकायते प्राप्त होती है। लेकिन इस प्रकरण में जांच के निर्देश संबंधित पुलिस स्टेशन को दिए गए है।
वहीं घटना के संबंध में नगर कोतवाल मनोज पाठक का कहना है कि प्रकरण उनके संज्ञान में है। इस मामले में दोनो पक्षों के बीच सुलह समझौता किया जा चुका है। अब इस प्रकरण का पटाक्षेप हो चुका है। यदि अन्य कोई आदेश अधिकारियों के द्वारा उन्हें प्राप्त होता है तो आगे की कार्यवाही की जाएगी।
मेडिकल कालेज अधीक्षक ने स्वेच्छा से अपने पद से दिया इस्तीफा

मेडिकल कालेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय में मेडिकल कालेज के अधीक्षक डॉक्टर एम०डब्लू खान ने स्वेछा से अधीक्षक पद से इस्तीफा दे दिया है।बृहस्पतिवार को लिखित त्याग पत्र उन्होंने मेडिकल कालेज प्रशासन को दिया है। इसके लिए उन्होंने अपने स्वास्थ्य ठीक न होने का बताया है। इस संबंध में जहां उनका कहना है कि कार्य की अधिकता और स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने यह कदम उठाया है वहीं मेडिकल कालेज के प्रधनाचार्य डॉक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने से संपर्क करने पर बात नही हो पाई है। डॉक्टर खान के द्वारा अपने अधीक्षक पद से लिखित त्याग पत्र दिए जाने की बात को लेकर विभाग में सनसनी फैली हुई है।
लोग उनके द्वारा चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं को दुरुस्त किए जाने के कार्यों को लेकर खुश थे।लेकिन वे किन कारणों से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है उसे लेकर लोग संतुष्ट नजर नहीं आते। लोगों के बीच उनके इस कदम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

