उमरीबेगमगंज।बाराही मंदिर में पूजागृह की कब्जेदारी को लेकर विवाद गहरा गया है। शनिवार सुबह एक पक्ष की महिला पुजारियों ने मंदिर के गर्भ गृह में जाकर पूजा पाठ करना प्रारंभ कर दिया।सूचना पर पुलिस हरकत में आई और दोनों पक्षों को खूब समझाया।महिला पुलिकर्मियों ने दोनों पक्षों को नीचे उतार कर स्वयं श्रद्धालुओं का चढ़ावा लेना शुरू कर दिया। एसडीएम विशाल कुमार के समझाने पर एक पक्ष ने मौके की नजाकत भांप दो जुलाई को चौपाल में मामले को रखेगा।
क्या प्रकरण
उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर ग्राम सभा में स्थित मां बाराही का विशाल मंदिर है। बाग पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के गाटा संख्या 1397 उनके खसरे में सैकड़ो साल से दर्ज है। लल्ला भैया ने एक अरसे से स्थानीय पूरी आराजी बेलसर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अनिरुद्ध सिंह के खानदान को सौंप रखी थी। मौजूदा समय में उनके 92 वर्षीय पुत्र रामपाल सिंह पूरे परिसर में दुकानों की व्यवस्था व मंदिर में महंत राघव दास व महंत योगेंद्र दास से पूजा अर्चना करवाते चले आ रहे हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के घराने के रामपाल सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण व इस रास्ते पर पड़ने वाले पौराणिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराने का निर्णय आने के बाद लोगों में बाराही मंदिर के प्रति अटूट आस्था है। अयोध्या निवासी 84 कोसी परिक्रमा करने वाले गया दास बाबा ने यहां की एक युवती रामादेवी को आगे कर तरबगंज तहसील में एक फर्जी ट्रस्ट रजिस्ट्री कराकर स्वयं ट्रस्टी बनकर रामादेवी को मंदिर पर बैठा दिया। इसके बाद सिविल कोर्ट में एक रिट दाखिल कर लल्ला भैया , रामपाल सिंह, महंत राघव दास, महंत योगेंद्र दास ,महंत मनीष सैनी, महंत ज्ञानेश्वर सैनी व अन्य पुजारियों को उनके पूजा पाठ करने में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप लगाकर स्थगन आदेश पारित करा लिया। कब्जा परिवर्तन का आदेश न होने के बाद भी इसी स्टे के आधार पर तत्कालीन एसडीम, क्षेत्राधिकारी संसार सिंह राठी व थानाध्यक्ष उमरीबेगमगंज संजीव कुमार वर्मा ने एक तरफा कार्यवाही करते हुए मेला व्यवस्थापक व पुजारियों को मेला प्रांगण से बाहर कर दिया। क्षेत्रवासियों में असंतोष फैलने पर वहां पर भारी मात्रा में फोर्स भी तैनात कर दिया।
10 माह बाद आया फैसला
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संगम लाल दुबे व अधिवक्ता अखंड सिंह की दलील 30 मई को अपना निर्णय देते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन ने स्थगन आदेश सहित पूरा दावा खारिज कर केस को दाखिल दफ्तर कर दिया।
साध्वी की सुरक्षा में दो कंपनी पीएसी
बेलसर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी घराने के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि रज्जन बाबा का कहना है,कि गया दास द्वारा बनाए गए ट्रस्ट सहित पूरा दावा खारिज होने के बाद भी स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कथित साध्वी रामादेवी को सुरक्षा प्रदान करते हुए मंदिर परिसर में दो कंपनी पीएसी तैनात कर दी। जिससे वह मंदिर छोड़ने को राजी नहीं हो रही है। उनका कहना है कि पूर्व थानाध्यक्ष संजीव वर्मा ने निजी मित्रता की वजह से मात्र एक व्यक्ति की सुरक्षा में दो कंपनी पीएसी लगाना पूरी तरह सवालों के घेरे में है। अभी भी प्रशासन बिना वजह विवाद को तूल देकर एक पक्षीय कार्रवाई कर रहा है।
दास की दावेदारी फर्जी
विश्व हिंदू परिषद के सचिव व 84 कोसी परिक्रमा के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कहना है कि बाराही देवी मंदिर में गया दास ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर वहां पर अराजकता फैला दी है। स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही पूरी तरह संदिग्ध है। इस संबंध में शीघ्र मुख्यमंत्री व डीएम से वार्ता करेंगे। गयादास का दावा पूरी तरह से फर्जी है।
थाना प्रांगण में दो जुलाई को होगी बैठक
एसडीएम तरबगंज विशाल कुमार ने कहा कि 2 जुलाई को दोनों पक्षों के लोगों को उमरीबेगमगंज थाने में बुलाया गया है। मीटिंग के संबंध में डीएम साहब को बताया गया है। जो निर्णय होगा उसी पर कार्रवाई की जाएगी।

