गोन्डा।पंडरी कृपाल वन रेन्ज क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि पंडरी कृपाल वन रेन्ज में तैनात वन दरोगा डी०एन०पाण्डेय ने विभाग से टिम्बर का लाईसेंस दिलाने के नाम पर बीस हजार रुपए ले लिया।पीड़ित ने शिकायती पत्र में लिखा है, कि वन दरोगा ने काफी दिनों बाद भी रूपया व टिम्बर का लाईसेंस न देने पर पीड़ित ने अपना रूपया मांगा तो वन दरोगा टालमटोल करते रहे।
पीड़ित ने शिकायती पत्र में लिखा है कि वन दरोगा हमारी दुकान पर आए और कहा कि तुम्हारा टिम्बर का लाइसेंस बनवा दूंगा इसमें 20,000/- (बीस हजार रूपये) का खर्चा आयेगा। वादी बहकावे में आकर वन दरोगा देव नरायन पाण्डेय को 20,000/- (बीस हजार रूपये) दे दिया। पीड़ित द्वारा रूपये दिए तीन माह बीत जाने के बाद भी उसे न तो टिम्बर का लाइसेंस दिया। और न ही रूपया वापस किया। पीड़ित इस सम्बन्ध में वन दरोगा से जानकारी करता रहा परंतु वन दरोगा द्वारा मामले को टाल-मटोल करके लटका दिया जाता था। पीड़ित द्वारा बार-बार रूपया मांगने पर वादी ने रूपया हड़पने की नियत से प्रार्थी पर फर्जी केस काट दिया। और कहा कि कहीं भी शिकायत करोगे तो वन अधिनियम का इतना केस लाद दूंगा जिंदगी भर मुकदमा ही लड़ते रहोगे। पीड़ित द्वारा रूपया देने की बात वन क्षेत्राधिकारी और वन दरोगा इन्द्रमणि सिंह को भी मौखिक जानकारी दी, परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई है।थक हार कर पीड़ित ने वन रेन्ज क्षेत्र पंडरी कृपाल के वन दरोगा की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है।

