कर्नलगंज,गोण्डा।नगर पालिका कर्नलगंज की सीमा विस्तार में नियमों को दरकिनार कर अनियमितता पाई गई। शिकायत पर डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने जांच के लिए सात सदस्यों की टीम गठित कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगें जाने के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी आज तक सीमांकन नहीं हो पाया और न ही जांच रिपोर्ट भेजी गई। सीमा विस्तार में जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर धांधली व लापरवाही सामने आई है।
विकास खंड कर्नलगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत कादीपुर का है। ग्राम प्रधान जयप्रकाश सिंह ने जिलाधिकारी नेहा शर्मा से सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी। पत्र में लिखा है कि नगर पालिका की सीमा विस्तार के दौरान लापरवाही बरती गई है। तमाम ऐसे लोग जिनका घर ग्राम पंचायत में है लेकिन उन्हें नगर का मतदाता बना दिया गया है। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया है कि पैमाइश करने वाली राजस्व टीम ने साजिशन गांव का अस्तित्व खत्म करने की फर्जी व झूंठी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी,जबकि ऐसा नही है। शिकायत पर संबंधित अधिकारियों में खलबली मचने से शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी भारत भार्गव ने बैक डेट में तीस अक्टूबर को पत्र जारी कर विभिन्न विभागों की सात सदस्यीय टीम गठित की थी। इस टीम में तहसीलदार कर्नलगंज मनीष कुमार, राजस्व निरीक्षक कर्नलगंज, राजस्व निरीक्षक बालपुर बाजार, प्रभारी निरीक्षक थाना कर्नलगंज, क्षेत्रीय लेखपाल व दो अन्य लेखपाल तेज बहादुर व रामनाथ को जांच टीम में शामिल किया गया था। जांच टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को देनी थी। लेकिन पत्र में दर्शित तारीख से पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी आज तक सीमांकन नहीं कराया गया है और न ही जांच रिपोर्ट भेजी गई। जिससे दोनों ओर के विकास कार्य सहित अन्य कार्य बाधित हैं। प्रधान के मुताबिक कर्नलगंज नगर पालिका में 208 गाटा शामिल हैं। जिसका क्षेत्रफल 30.445 हेक्टेयर (करीब 380 बीघे) है,जिसमें लगभग 200 मतदाता ही पाये जा रहे हैं। जबकि फर्जी तरीके से 500 से अधिक मतदाता नगर पालिका की मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया है और नगर पालिका का चुनाव करा लिया गया।
इस तरह से शामिल क्षेत्र से कई गुने अधिक शामिल किए गए मतदाता व उनके परिवार अधर में लटके हैं जिन्हें निवास स्थान सी जुड़ी जाति,निवास आय जन्म,मृत्यु प्रमाण पत्र आदि जरूरी कागजात बनवाने में काफी समस्या हो रही है। ग्राम प्रधान ने ग्राम व नगर का अतिशीघ्र सीमांकन कराते हुए रिपोर्ट मंगवाये जाने क़ी मांग क़ी है। मामले में डीएम व सीडीओ ने बीते अक्टूबर माह में सीमांकन करने के लिए टीम गठित करने का एसडीएम व ईओ को आदेश दिया था लेकिन आज तक सीमांकन नहीं कराया गया है और डीएम,सीडीओ का फरमान कागजों तक सिमट कर रह गया है।

