मुश्ताक अहमद
लखनऊ।उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है। संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत बनाने के साथ ही उम्मीदवारों के नामों पर विचार करने से पहले दावेदारों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराने की तैयारी है।इस बार टिकट उन्हीं नेताओं को दिया जायेगा, जिनकी जनता के बीच छवि अच्छी होगी और अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों से लगातार संपर्क में बने हुए होंगे।
खराब छवि वालों को नहीं मिलेगा टिकट
लोकसभा चुनाव 2024 में सपा व कांग्रेस गठबंधन को उम्मीद से कहीं ज्यादा 43 सीटें मिली थीं। सपा के हिस्से में 37 और कांग्रेस के पाले में 6 सीटें आईं थीं। सपा उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। सपा मुखिया अखिलेश यादव का मानना है कि बेहतर उम्मीदवार देने और भाजपा सरकार की नाराज़गी का फायदा उन्हें मिला। सपा इस बार उम्मीदवार तय करने में इसीलिए कोई ग़लती नहीं करना चाहती है, जिससे उसे नुकसान उठाना पड़े। इसलिए विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने से पहले दावेदारों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराया जायेगा। इससे स्थानीय लोगों का भी फीडबैक लेने का विचार है। इसके आधार पर अच्छी छवि के साथ बेहतर रैंक पाने वालों की उम्मीदवारी तय की जायेगी। जनता से दूरी बनाने और खराब छवि वालों को टिकट नहीं दिया जायेगा।
सपा की कोर कमेटी लेगी उम्मीदवार पर फैसला
यूपी में विधानसभा चुनाव वैसे तो वर्ष 2027 में है, लेकिन गतिविधियां अप्रैल 2026 से ही शुरू होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसीलिए साल समाप्त होने के बाद अगले साल विधानसभावार चुनाव लड़ने की इच्छुक नेताओं के नामों का पैनल तैयार कराया जायेगा। हर विधानसभा से कम से कम 10-10 नाम लिए जाएंगे। इसमें से रिपोर्ट कार्ड तैयार कराते हुए पांच-पांच नामों को पहले शर्टलिस्ट किया जायेगा। इसमें सीटवार जातीय समीकरण में पीडीए को प्राथमिकता देते हुए टिकट तय किए जायेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसके लिए अंदर खाने में पूरी तैयारी कर ली गई है,और इसे जल्द ही जिला इकाइयों को बता दिया जायेगा।

