गोण्डा। लीजिए,एक नेकी के बदले 70 नेकीं कमाने का माह रमज़ानुल मुबारक गुरुवार से शुरू हो रहा है। अल्लाह से कुर्बत हासिल करने का बेहतरीन जरिया रमज़ानुल मुबारक के रोज़े रख हर मुसलमानों में खुशी दौड़ रही। रहमतों व बरकतों के साथ मिलने वाली कई गुना नेकियों को देख हर कोई इसकी तैयारी म़े लग गया। वहीं रमज़ान से जुड़ी चीजों के लिए शहर से लेकर गांव कस्बों के बाजारों में खरीददारों की भीड़ उमड़ पड़ी।

इस्लामी कैलेंडर का नवां महीना रमज़ानुल मुबारक बुधवार को चांद की तस्दीक़ होते ही गुरुवार से पहले रोज़े की शुरुआत हो जाएगी। ऐसे में रोज़े को लेकर रोज़दारों खासी खुशी देखने को मिल रही है। एक नेकीं के बदले सत्तर नेकियों की सौगात के साथ साथ इस माह में अल्लाह की रहमत और बरकतों की बारिश शुरू हो जाती है। गुरुवार से शुरू हो रहे रमज़ानुल मुबारक को देखते हुए बुधवार से ही तरावीह की नमाज़ शुरू हो गई। हाफिज़ अनीस व हाफिज़ अब्दुल कादिर ने बताया कि रमज़ानुल मुबारक के महीने की बड़ी फजीलत है। इस माह में पड़ने वाले तीन असरों की भी बड़ी फजीलत है। उन्होंने बताया कि तीन असरे हर एक असरे दस दिन के होते है। उन्होंने बताया कि पहले असरे के दस दिनों में अल्लाह की रहमत बरसती है। वहीं दूसरे असरे में अल्लाह अपने बंदे से मगफिरत का वायदा किया है। इसी तरह तीसरा असरा जहन्नुम से निजात का बताया गया है। उनका कहना है कि रोज़ेदार जब रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत कर दुआएं मांगता है तो अल्लाह उसकी दुआओं को रद्द नहीं करता।
बाजारों में रमज़ान से जुड़ी चीजों की खरीदारी बढ़ी
बुधवार को चांद दिखते ही शहर से लेकर गांव कस्बों की बाजारों में खजूरों की मांग बढ़ गई। शहर के बाजारों में आई खजूरों की नई वैरायटी ने खरीदारो को अपनी ओर आकर्षित किया है। जिसमें 14 सौ रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रही मजदूल खजूर ने खासी छाप छोड़ी है। इसी तरह इस बार और नए किस्म के खजूर जैसे कलमी, मगरूम, सुल्तान नाम के खजूरों ने भी बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इसी तरह फलों व तली जाने वाली कचरी से भी बाजार गुलजार हो गए है।

