शरफुद्दीन खान हशमती/ग़ुलाम जिलानी बेग
सादुल्लाहनगर,गोण्डा।इमामे इश्को मोहब्बत आला हजरत इमाम अहमद रज़ा खां फाज़िले बरेलवी (अलैहिर्रहमा) का जो मिशन लेकर मज़हरे आला हजरत शेर बे शऐ-अहले सुन्नत ने बर्रे सग़ीर के मुसलमानो को जो मसलक दिया था वह मिशन नामूसे रिसालत,अहले बैते अतहार से वाबस्तगी और अज़मते सहाबा का तहफ्फूज़ है। हम खानकाहे हशमतिया के लोग इसी मिशन की आबियारी के लिए अपना तन मन धन सब कुर्बान करते रहे हैं और करते रहेंगे।

दूसरा उर्से मासूमे मिल्लत की तारीख साज़ तकरीब से हम पैगाम आम करना चाहते हैं। यह ऐलान मुफ्ती-ए-आजम पीलीभीत शहजाद -ए-मासूमे मिल्लत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद मेहरान रज़ा खान हशमती ने जश्ने ईद मिलादुन्नबी व जश्ने दस्तारबंदी से खिताब करते हुए किया।
उन्होंने कहा कि खानकाहे हशमतिया के लोग गुस्ताखाने रिसालत मआब,वहाबीयों नास्बियों और राफज़ियों के खिलाफ हशमती डंडा चलाते रहेंगे हमने हमेशा अली अली का नारा बुलंद किया है क्योंकि हमारी निस्बत ही अली से है जो हमारे हजरत हशमत अली से लेकर फातहे खैबर दामादे पैगंबर तक पहुंचती है।

उन्होंने यह भी कहा कि खानकाहे हशमतिया का अज़ीम इदाराह अल-जामे अतुल हशमतिया एक ऐसा ममबए इल्मों फन है जहां आने वाले नव नेहालाने मिल्लत को हाफ़िज़ क़ारी और आलिम बाद में बनाया जाता है पहले उन्हें इश्क़े रसूल और आले रसूल के साथ अजमते सहाबा व औलिया-ए- किराम का जाम पिलाया जाता है।
अल्लामा मनाकिबुल हशमत खान हशमती ने सवाल किया कि गौसो ख्वाजा के दीवानों से नमाज़ का हिसाब पूछने वालों क्या तुमने किसी और कबील से भी नमाज़ का सवाल किया है? कहीं ऐसा तो नहीं कि तुम्हें नमाज की फिक्र बजाए गौसो ख्वाजा की अकीदतों से ऐतराज हो तुम्हें अली अली के नारे से भी तक़लीफ होती है हम जब-जब अहले बैत की शान में अकीदतों का नजराना पेश करते हैं आखिर तुम्हें तकलीफ क्यों होने लगती है।

अल्लामा मुफ्ती फारान रज़ा खान हशमती ने मासूमे मिलत (अलैहिर्रहमा) की खिदमात बयान करते हुए कहा कि आज हजरत के दूसरे उर्स में अकीदतमंदों का उमड़ता हुआ ये सैलाब इस बात की गवाही दे रहा है। की हजरत ने इलाका सादुल्लाह नगर गौरा चौकी ही नहीं बल्कि मुल्क के कोने-कोने तक जो इश्क़े रसूल की शामएं रोशन की है वह किस तरह लोगों के दिलों में जां गुज़ी नज़र आता है।उनके इलावा मौलाना मुफ्ती रियाज़ हैदर हनफी उतरौला, मुफ्ती नकीबुर्रहमान, मुफ्ती अब्दुल रहमान कादरी समेत उलमा ए किराम ने खिताब किया और इश्क़े रसूल व अहले बैत और आज़मते साहाबा का जाम पिलाया।
प्रोग्राम का आगाज़ क़ारी अब्दुल हफीज हशमती और कारी मोहम्मद आज़म हशमती की तिलावत से हुआ,अखलाक महबूबी, मिर्ज़ा सिबतैन रज़ा, अख्तर गोंडवी, ग़ुलाम यासीन, ज़रताब रज़ा समेत नात खव्नो ने नातो मन्क़बत के नजराने पेश किये।
दो रोज़ा उर्स और जश्ने ईद मिलादुन्नबी व जश्ने दस्तारबंदी की सरपरस्ती शहजाद ए शेर बेश-ऐ- अहले सुन्नत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद नासिर रज़ा खान हशमती और अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद फरजान रज़ा खान हशमती ने की।
प्रोग्राम का इख्तिताम अल-जामे अतुल हशमतिया के फजीलत, आलमियत,और हिफ्ज़ के फारगीन के सरों पर दस्तारबंदी व सलातो सलाम और खुसूसी दुआ के साथ हुआ।
इस दौरान क़ायदे अहले सुन्नत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद फरज़ान रजा खान हशमती, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद फरमान रजा खान हशमती, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद मशारिब रजा खान हशमती, मौलाना मोहम्मद महामिद रजा खान हशमती,समेत बड़ी संख्या में उल्मा -ए-किराम भी मौजूद रहे।
इस मौके पर क़ारी शहज़ाद रज़ा हशमती, मौलाना अली अहमद हशमती, क़ारी ज़ाहिद रज़ा बेग हशमती, मौलाना मुहम्मद हनज़ला रज़ा हशमती, अलहाज तजम्मुल हुसैन (मुंबई), अमीर अहमद हैदराबाद,महबूब भाई, सग़ीर अहमद, मक़सूद अहमद, अनीस क़ादरी, ग़रीब नवाज़ टेंट हाउस, मास्टर ग़ुलाम जीलानी बेग, अरमान हशमती, हाफ़िज़ महमूदुल हसन बेग, मौलाना ग़ुलाम जीलानी, मौलाना ग़ुलाम मुर्तज़ा हशमती, फ़ारूक़ ठेकेदार, हाफ़िज़ अतहरुल क़ादरी, कुतुबुद्दीन सिद्दीक़ी, अब्दुर्रज़्ज़ाक़, मौलाना शादाब रज़ा,मौलाना ख़ालिद रज़ा, हाफ़िज़ ख़ालिद रज़ा, जुनैद रज़ा कानपुरी, इरफ़ान रज़ा चौधरी, इरफ़ान प्रधान, वहीदुल्लाह चौधरी,क़ारी रफ़ीक़ हशमती,समेत बड़ी संख्या में सामईन मौजूद रहे।
जिन खुश नसीबों के सरों पर बंधे दस्तार।
बीती रात उर्से मासूमे मिल्लत के मौके पर मुनअकिद अल-जामे अतुल हशमतिया के जश्ने दस्तारबंदी में उलमा-ए-किराम के हाथों जिन खुशनसीबों के सारों पर दस्तार बांधे गए उनमें फज़ीलत के 4 अलमियत के 6 और हिफ्ज़ व क़िरात के 6 होनहारों के नाम शामिल है।
फज़ीलत
मोहम्मद कलीम रज़ा,मोहम्मद शादाब रज़ा,मोहम्मद महेताब रज़ा, मोहम्मद सिब्तैन रज़ा
आलमीयत
ग़ुलाम हशमत, ग़ुलाम अबू हुरैरा, मुहम्मद सैफ़, ग़ुलाम मुशाहिद, अमीर अली,अब्दुल्लाह
हिफ्ज व क़िरात
मोहम्मद शायान, मोहम्मद इस्माइल, अब्दुल मआबूद, मोहम्मद सैफ़, सलाहुद्दीन, मुज़म्मिल रज़ा
दोनों जिलों की पुलिस प्रशासन का रहा खुसूसी सिक्योरिटी बंदोबस्त
दो रोज़ा उर्से मासूमे मिल्लत में बड़ी संख्या में आए अक़ीदतमंदों की भीड़ के पेशे नज़र गोण्डा और बलरामपुर की पुलिस प्रशासन का बेहतरीन सिक्योरिटी बंदोबस्त रहा छपिया थाना प्रभारी प्रबोध कुमार और सादुल्लाह नगर थाना प्रभारी सतेंद्र वर्मा भी उर्स के दौरान स्वयं मौके पर मौजूद रहे साथ ही बड़ी संख्या में अपने अपने हलकों में पुलिस फोर्स और ट्रैफिक पुलिस के तैनाती कर रखी थी और साथ ही कई रूट को प्रशासन ने डाईवर्जन कर रखी थी जिस से किसी तरह की कोई परेशानी ना हो।एसडीएम मनकापुर अविनाश त्रिपाठी, मनकापुर सर्किल ऑफ़िसर उदित नारायण पाली इनके इलावा उतरौला और मनकापुर सर्कल के सीओ भी दौरा करते रहे।
वहीं उर्स व दीगर प्रोग्रामों के कन्वीनर खादिम व ख़लीफा-ए- हुज़ूर मासूमे मिल्लत अलहाज क़ारी शरफुद्दीन खान हशमती और उनके मुआविन कारी शहज़ाद रज़ा हशमती व अब्दुल वहीद हशमती ने भी सभी आफिसरान का भरपूर ताउन के लिए शुक्रिया अदा किया।

